देव दीपावली पहली बार देखने के लिए दो दिन रखें तो शहर और त्योहार दोनों का अनुभव आराम से लिया जा सकता है। इस प्लान में समय जानबूझकर खुला रखा गया है; त्योहार पर प्रशासन की व्यवस्था और भीड़ के अनुसार इसे बदलें।
पहला दिन: रास्ते समझें
होटल पहुँचकर नजदीकी घाट और वापसी का पैदल रास्ता देखें। दोपहर में काशी की गलियों या स्थानीय बाजार के लिए समय रखें। चाहें तो सामान्य शाम की गंगा आरती के बारे में जानकारी लें; त्योहार वाली शाम के कार्यक्रम को उससे अलग समझें। जल्दी सोएँ ताकि अगले दिन ऊर्जा बनी रहे।
दूसरा दिन: सुबह हल्की, शाम खास
सुबह घाट पर सैर या आधिकारिक नियम देखकर मंदिर दर्शन करें। दोपहर में आराम, भोजन और फोन charging के लिए समय रखें। शाम को एक घाट चुनें, मिलने का स्थान तय करें और निकलने का रास्ता सभी को समझाएँ। भीड़ में नाव या वाहन अचानक मिल जाएगा, ऐसा न मानें।
इस वर्ष की तारीख जिला कार्यक्रम पेज पर जाँचें। भीड़ में सुरक्षा गाइड साथ पढ़ें और जरूरत हो तो योजना छोटी कर दें।