कार्तिक पूर्णिमा पर सुबह से ही घाटों पर गतिविधि रहती है और शाम को देव दीपावली देखने वालों की संख्या बढ़ सकती है। लंबा itinerary बनाने की बजाय सुबह, दोपहर और शाम को तीन आरामदायक हिस्सों में बाँटें।
सुबह: पास के घाट से शुरू करें
अपने ठहरने की जगह के नजदीक घाट चुनें। सूर्योदय के आसपास का माहौल देखें, फिर नाश्ता करें। अगर मंदिर दर्शन करना है तो सुरक्षा, कतार और मौजूदा व्यवस्था मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट से जाँचें। कोई local service सरकारी नियम से अलग प्रवेश की गारंटी नहीं दे सकती।
दोपहर: ऊर्जा बचाएँ
शाम तक लगातार घूमने के बजाय होटल लौटकर आराम करें। फोन charge करें और समूह के लिए मिलने की जगह तय करें। घाटों के पास traffic diversion की संभावना रखें।
शाम: एक view, सुरक्षित वापसी
एक जगह से रोशनी का आनंद लें, सीढ़ियाँ और रास्ते खुले रखें। कार्यक्रम की तारीख और अनुमति हर वर्ष जाँचें। घाट चुनने की गाइड से अगला फैसला आसान होगा।