देव दीपावली के समय वाराणसी के घाट दीयों से जगमगा उठते हैं। यह सामान्य दिवाली से अलग अवसर है और कार्तिक पूर्णिमा के आसपास मनाया जाता है। अगर आप पहली बार आ रहे हैं तो फोटो के साथ-साथ पहुँचने और वापस लौटने का रास्ता भी पहले तय करें।
एक घाट चुनें, पूरी शाम भाग-दौड़ नहीं
दशाश्वमेध घाट का इलाका प्रसिद्ध है, लेकिन यहाँ और आसपास की गलियों में भीड़ हो सकती है। अस्सी घाट से शुरुआत करना कुछ यात्रियों के लिए सुविधाजनक रहता है। एक ही रात में कई दूर-दूर के घाट देखने का दबाव न लें। समूह में हों तो सबको मिलने की जगह और होटल का पता बता दें।
घर से निकलने से पहले checklist
- इस वर्ष की तारीख और प्रशासनिक व्यवस्था जिला वेबसाइट पर जाँचें।
- फोन चार्ज रखें, पानी लें और जरूरी दवा साथ रखें।
- गाड़ी घाट तक जाएगी, ऐसा मानकर न चलें; पैदल रास्ता पूछें।
- नाव चाहिए तो boarding point, सुरक्षा और cancellation पहले पुष्टि करें।
किसी भी तय समय, नाव की कीमत या रास्ते को बिना पुष्टि के निश्चित न मानें। काशी विश्वनाथ दर्शन गाइड के साथ अपनी यात्रा आराम से बाँटकर प्लान करें।