पहली बार जब मैं काशी विश्वनाथ की कतार में खड़ा हुआ, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। लंबी लाइनों और भीड़ की कहानियाँ सुनकर मैं घबराया हुआ था। पर बाहर निकलते समय मैं वर्षों बाद इतना हल्का महसूस कर रहा था। थोड़ी योजना से आपका अनुभव भी ऐसा हो सकता है।
कब जाएँ
मंदिर सुबह करीब 2:30 बजे मंगला आरती के लिए खुलता है और रात 11 बजे के आसपास बंद होता है। शांति से दर्शन के लिए सुबह जल्दी (7 बजे से पहले) या दोपहर बाद जाएँ। सोमवार और शिवरात्रि पर बहुत भीड़ होती है।
कॉरिडोर ने सब बदल दिया
नया काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर मंदिर को सीधे गंगा से जोड़ता है। यह चौड़ा, साफ़ और पुरानी तंग गलियों से कहीं आसान है। घाट पर स्नान करके आप कुछ ही मिनटों में मंदिर पहुँच सकते हैं।
छोटी पर ज़रूरी बातें
- मोबाइल, कैमरा और चमड़े की चीज़ें अंदर मना हैं — गेट के पास फ्री लॉकर का उपयोग करें।
- शालीन कपड़े पहनें।
- लाइन और आरती के टिकट ऑनलाइन पहले से बुक हो सकते हैं।
- फूल-प्रसाद आधिकारिक काउंटर से ही लें।
जल्दबाज़ी न करें। दर्शन के बाद एक पल ठहरें। आप चाहे जो भी मानते हों, इस जगह की एक शांति आपके भीतर देर तक रह जाती है।